इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक बुंदेलखंड के महान लोककवि ईसुरी (पूरा नाम- ईश्वरी प्रसाद) के जीवन और उनकी फागों (एक प्रकार का लोक-काव्य) पर केंद्रित है। ईसुरी को ‘बुंदेलखंड का जयदेव’ भी कहा जाता है। उनकी रचनाओं में श्रृंगार और प्रेम का अत्यंत मार्मिक और सहज चित्रण मिलता है, जो सीधे आम जनमानस के हृदय को छूता है। इस पुस्तक में उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं, उनकी प्रसिद्ध फागों और चौकड़ियों का संग्रह उनकी व्याख्या सहित दिया गया हो सकता है। यह कृति पाठकों को बुंदेली लोक-साहित्य की समृद्धि, उसकी मिठास और उस क्षेत्र की सांस्कृतिक आत्मा से परिचित कराती है, जिसके केंद्र में ईसुरी का काव्य-संसार है।
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