Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
जैन धर्म में शासन देवताओं का स्थान - Jain Dharm Me Shashan Dewtaon Ka Sthan - Book
IndianKitab

जैन धर्म में शासन देवताओं का स्थान – Jain Dharm Me Shashan Dewtaon Ka Sthan – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह जैन धर्मशास्त्र पर एक विशिष्ट अध्ययन है जो ‘जैन धर्म में शासन-देवताओं’ (यक्ष और यक्षिणी) के स्थान और उनकी भूमिका का विश्लेषण करता है। यद्यपि जैन धर्म मूल रूप से आत्म-निर्भरता का मार्ग है, फिर भी इसमें तीर्थंकरों के सहायक के रूप में इन देवताओं की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। यह पुस्तक उनकी उत्पत्ति, उनकी मूर्तिकला, और जैन उपासकों के जीवन में उनकी भक्ति के महत्व की पड़ताल करती है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।

इस लेखक की और पुस्तकें