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जैन प्रतिमाविज्ञान - Jain Pratimavigyan - Book
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जैन प्रतिमाविज्ञान – Jain Pratimavigyan – Book

इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

मारुतिनन्दन प्रसाद तिवारी द्वारा रचित यह पुस्तक ‘जैन प्रतिमाविज्ञान’ (Jain Iconography) पर एक गहन और अकादमिक अध्ययन है। इसमें जैन धर्म में तीर्थंकरों, यक्ष-यक्षिणियों और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों के लक्षणों, उनकी मुद्राओं, प्रतीकों (लांछन) और कलात्मक विकास का व्यवस्थित और प्रामाणिक विवेचन किया गया है। यह ग्रंथ पुरातात्विक साक्ष्यों, कलाकृतियों और साहित्यिक वर्णनों के आधार पर जैन मूर्तिकला के ऐतिहासिक विकास और उसके धार्मिक महत्व को स्पष्ट करता है। यह कला-इतिहासकारों और जैन धर्म के शोधकर्ताओं के लिए एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है।

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