इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
कैलाशचन्द्र जैन द्वारा रचित ‘जैन सिद्धान्त प्रवेश रत्नमाला’ एक पुस्तक श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य पाठकों को क्रमबद्ध तरीके से जैन धर्म के सिद्धांतों से परिचित कराना है। ‘रत्नमाला’ की तरह, यह ज्ञान के विभिन्न रत्नों को एक धागे में पिरोती है। यह पांचवां भाग संभवतः जैन दर्शन के कुछ उन्नत विषयों, जैसे कि कर्म सिद्धांत की सूक्ष्मता, नयवाद, स्याद्वाद या मोक्ष मार्ग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है। यह श्रृंखला जैन धर्म का व्यवस्थित अध्ययन शुरू करने वालों के लिए एक आदर्श ‘प्रवेशिका’ का कार्य करती है।
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