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जिनरत्नकोशः [ ग्रन्थविभाग प्रथम ] - Jinratnakosha [ Granthavibhaga Pratham ] - Book
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जिनरत्नकोशः [ ग्रन्थविभाग प्रथम ] – Jinratnakosha [ Granthavibhaga Pratham ] – Book

इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

हरि दामोदर वेलणकर द्वारा संपादित ‘जिनरत्नकोश’ जैन साहित्य का एक विशाल और महत्वपूर्ण ग्रंथ-सूची (bibliography) है। यह जैन धर्म से संबंधित हजारों हस्तलिखित और मुद्रित ग्रंथों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करता है। इसमें ग्रंथ का नाम, लेखक, विषय, भाषा और वह कहाँ उपलब्ध है, जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं शामिल हैं। ‘ग्रन्थविभाग प्रथम’ इस कोश का पहला खंड है, जो जैन साहित्य के विशाल भंडार को शोधकर्ताओं, विद्वानों और छात्रों के लिए सुलभ बनाता है। यह जैन विद्या के अध्ययन के लिए एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है।

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