इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
जयप्रकाश नारायण द्वारा रचित ‘जीवन दान’ उनके सर्वोदय और भूदान आंदोलन से जुड़े विचारों पर आधारित एक महत्वपूर्ण कृति है। इसमें ‘जीवन दान’ का अर्थ है, अपना जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर देना। जेपी ने इस पुस्तक में युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से आग्रह किया है कि वे व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर देश के नवनिर्माण के लिए अपना समय और ऊर्जा दान करें। यह पुस्तक निस्वार्थ सेवा, सामाजिक परिवर्तन और एक समतामूलक समाज की स्थापना के लिए एक शक्तिशाली आह्वान है।
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