इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक महाकवि कालिदास और उनके विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ पर एक विस्तृत आलोचनात्मक अध्ययन है। इसमें लेखक पहले कालिदास के जीवन, उनके समय और उनकी अन्य रचनाओं का परिचय देते हैं। इसके बाद, वे ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के कथानक, उसके प्रमुख पात्रों (जैसे शकुंतला, दुष्यंत, कण्व), और नाटक की काव्य-शैली का गहन विश्लेषण करते हैं। पुस्तक में नाटक के नाट्यशिल्प, रस-योजना, और प्रकृति-चित्रण जैसे कलात्मक पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह कृति यह भी बताती है कि क्यों ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ को न केवल संस्कृत साहित्य में, बल्कि विश्व साहित्य में एक उत्कृष्ट कृति का दर्जा प्राप्त है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।