इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह गीताप्रेस, गोरखपुर की प्रसिद्ध पत्रिका ‘कल्याण’ का जनवरी 1980 का अंक है, जो एक ‘निष्काम कर्मयोग’ पर केंद्रित विशेष अंक है। इसमें श्रीमद्भगवद्गीता के केंद्रीय सिद्धांत, ‘निष्काम कर्म’ (फल की इच्छा के बिना कर्म करना), पर विभिन्न संतों और विद्वानों के लेख, चिंतन और कहानियाँ शामिल हैं। यह अंक पाठकों को अपने दैनिक जीवन में कर्मयोग के सिद्धांत को अपनाने और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।