Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
काम कला विलास: - Kama Kala Vilas - Book
IndianKitab

काम कला विलास: – Kama Kala Vilas – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

काम कला विलास’ पुण्यानन्द नाथ द्वारा रचित श्रीविद्या परंपरा का एक महत्त्वपूर्ण तांत्रिक ग्रंथ है। यह कृति देवी त्रिपुरसुंदरी (काम कला) के स्वरूप और उनके श्रीचक्र यंत्र के रहस्यमय अर्थ का वर्णन करती है। ‘विलास’ का अर्थ है ‘दिव्य लीला’। ग्रंथ में यह बताया गया है कि कैसे परम शिव और शक्ति के मिलन से ब्रह्मांड की उत्पत्ति होती है, और कैसे श्रीचक्र उसी ब्रह्मांडीय प्रक्रिया का एक ज्यामितीय प्रतिनिधित्व है। यह शक्ति उपासना के गूढ़ दार्शनिक और यौगिक सिद्धांतों पर एक संक्षिप्त लेकिन गहन ग्रंथ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।