इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत की पूर्व प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी, जिन्हें ‘प्रियदर्शिनी’ भी कहा जाता था, के व्यक्तित्व के काव्यात्मक और संवेदनशील पक्ष पर केंद्रित हो सकती है। यह उनके राजनीतिक जीवन से परे, एक व्यक्ति, एक माँ, और प्रकृति-प्रेमी के रूप में उनके चित्र को प्रस्तुत कर सकती है। इसमें उनके भाषणों के काव्यात्मक अंश, उनके लिखे पत्र, या उनके जीवन पर आधारित काव्यात्मक संस्मरण हो सकते हैं, जो उनकी ‘काव्यात्मा’ को उजागर करते हैं।
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