Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
महाप्रस्थान के पथ पर - Mahaprasthan Ke Path Par - Book
IndianKitab

महाप्रस्थान के पथ पर – Mahaprasthan Ke Path Par – Book

Pages
162 Pages
File Size
5 MB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

महाप्रस्थान’ का अर्थ है ‘महान प्रस्थान’ या अंतिम यात्रा। रवींद्रनाथ टैगोर की यह कृति उनके जीवन के अंतिम वर्षों के चिंतन और अनुभूतियों पर आधारित हो सकती है। यह कविताओं या निबंधों का एक संग्रह हो सकता है, जिसमें जीवन, मृत्यु, आध्यात्मिकता और संसार से विदाई के विषयों पर गहन और दार्शनिक विचार प्रस्तुत किए गए हैं। यह एक महान आत्मा की अंतिम यात्रा के पथ पर उसके आत्म-चिंतन का एक मार्मिक दस्तावेज़ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।