इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह 9वीं सदी के अपभ्रंश कवि पुष्पदंत द्वारा रचित ‘महापुराण’ का पहला खंड है। यह एक विशाल जैन महाकाव्य है जिसमें 63 शलाकापुरुषों (महान पुरुषों) का चरित्र-चित्रण है। यह खंड संभवतः प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव और अन्य प्रारंभिक शलाकापुरुषों के जीवन पर केंद्रित है। पुष्पदंत का महापुराण अपनी जीवंत कथा-शैली और काव्यात्मक उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध है और यह अपभ्रंश साहित्य की एक अमूल्य निधि है।
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