इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह नागरी प्रचारिणी सभा, काशी, द्वारा प्रकाशित उसकी प्रतिष्ठित शोध-पत्रिका “नागरी प्रचारिणी पत्रिका” का एक विशेष अंक है। यह पत्रिका के प्रकाशन के 70वें वर्ष (संवत् 2022, अर्थात् लगभग 1965 ईस्वी) का अंक है। नागरी प्रचारिणी सभा हिंदी भाषा और साहित्य के उत्थान के लिए समर्पित सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। इस अंक में हिंदी साहित्य, भाषा-विज्ञान, और इतिहास पर उच्च कोटि के शोध-पत्र और लेख शामिल होंगे। एक ऐतिहासिक अंक होने के नाते, इसमें सभा के इतिहास और हिंदी के विकास में उसके योगदान पर विशेष सामग्री भी हो सकती है।
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