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नाक कट जाएगी - Naak Kat Jayegi - Book
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नाक कट जाएगी – Naak Kat Jayegi – Book

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पुस्तक विवरण

मयंक सक्सेना ‘हनी’ की यह कृति “नाक कट जाएगी” के प्रसिद्ध भारतीय मुहावरे पर एक सामाजिक व्यंग्य है, जिसका अर्थ है ‘इज्जत चली जाएगी’। यह कहानियों या एक नाटक का संग्रह हो सकता है जो समाज में झूठी शान, दिखावे और ‘लोग क्या कहेंगे’ के डर पर आधारित है। इसमें उन पात्रों का चित्रण हो सकता है जो अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए हास्यास्पद या दुखद कार्य करते हैं। यह कृति भारतीय मध्यम वर्ग की मानसिकता और सामाजिक दबावों पर एक तीखी और हास्यपूर्ण टिप्पणी प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को इन खोखले मूल्यों पर सवाल उठाने के लिए मजबूर करती है।

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