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श्रीनवपद प्रकरणम (स्वोपज्ञा लाघुबृत्ति ) - Navpad Prakaran Svopza Ladhuvritti - Book
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श्रीनवपद प्रकरणम (स्वोपज्ञा लाघुबृत्ति ) – Navpad Prakaran Svopza Ladhuvritti – Book

इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

देवगुप्ता सूरी द्वारा रचित यह ग्रंथ ‘नवपद’ या ‘सिद्धचक्र’ की पूजा और उसके महत्व पर केंद्रित है। ‘नवपद’ में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, सम्यक् दर्शन, ज्ञान, चारित्र और तप, इन नौ पदों की आराधना की जाती है। ‘स्वोपज्ञ लघुवृत्ति’ का अर्थ है कि रचयिता ने स्वयं ही इस पर एक संक्षिप्त टीका (वृत्ति) भी लिखी है। यह कृति इन नौ पदों के आध्यात्मिक अर्थ और उनकी आराधना की विधि को समझाती है। यह जैन धर्म की एक महत्वपूर्ण साधना पद्धति का प्रामाणिक परिचय देती है।

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