इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह एक महत्त्वपूर्ण शाक्त ग्रंथ है जिसमें दो प्रमुख स्तोत्र शामिल हैं: ‘पञ्चस्तवी’ और ‘सौन्दर्यलहरी’। ‘पञ्चस्तवी’ कश्मीर से उत्पन्न पाँच स्तोत्रों का एक संग्रह है जो देवी की महिमा का गुणगान करता है। ‘सौन्दर्यलहरी’, जिसका श्रेय आदि शंकराचार्य को दिया जाता है, देवी त्रिपुरसुंदरी के सौंदर्य और कृपा का वर्णन करने वाला सौ श्लोकों का एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इसका पहला भाग ‘आनन्दलहरी’ तांत्रिक साधना पर और दूसरा भाग देवी के शारीरिक सौंदर्य के वर्णन पर केंद्रित है। यह संग्रह शक्ति उपासना की एक अमूल्य निधि है।
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