इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
पार्श्वाभ्युदयम्’ आचार्य जिनसेन द्वारा रचित एक अनूठा और प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य है। इसकी विशेषता यह है कि यह महाकवि कालिदास के ‘मेघदूतम्’ की प्रत्येक पंक्ति को ‘समस्यापूर्ति’ के रूप में उपयोग करते हुए तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के जीवन-चरित्र का वर्णन करता है। यह काव्य कला और भक्ति का एक अद्भुत संगम है, जो जिनसेन की असाधारण काव्य-प्रतिभा को दर्शाता है। यह संस्कृत साहित्य के प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय और आनंददायक कृति है।
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