इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक महाभारत की एक महान और दुखद पात्र, गांधारी के चरित्र पर केंद्रित है। इसमें गांधारी के पतिव्रत धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का वर्णन है, जिसके लिए उन्होंने अपने पति धृतराष्ट्र के अंधा होने के कारण स्वयं अपनी आँखों पर पट्टी बाँध ली थी। पुस्तक उनके त्याग, उनकी पीड़ा, और युद्ध को रोकने के उनके असफल प्रयासों का मार्मिक चित्रण करती है। यह केवल एक पतिव्रता की कहानी नहीं, बल्कि एक माँ, एक रानी और एक स्त्री के नैतिक संघर्ष और उसकी विवशता की गाथा भी है।
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