इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामायण का एक ऐसा संस्करण है जिसमें पारंपरिक सात कांडों के अलावा एक ‘आठवाँ कांड’ भी शामिल है। यह आठवाँ कांड सामान्यतः ‘लव-कुश कांड’ होता है, जिसमें श्री राम के राज्याभिषेक के बाद सीता के वन-गमन, लव-कुश के जन्म और उनके द्वारा अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ने की कथा का वर्णन होता है। यह रामकथा को उसके तार्किक अंत तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
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