इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक वाल्मीकि रामायण के सात कांडों में से तीसरे, ‘अरण्य-कांड’ का मूल पाठ या उसका अनुवाद है। इस कांड में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास के दौरान दंडकारण्य में बिताए गए जीवन का वर्णन है। इसमें वे विभिन्न ऋषियों से मिलते हैं, विराध और शूर्पणखा जैसे राक्षसों का सामना करते हैं, और खर-दूषण की सेना का संहार करते हैं। इस कांड की सबसे महत्वपूर्ण और मार्मिक घटना है रावण द्वारा सीता का हरण, जो रामायण युद्ध का मुख्य कारण बनती है। अरण्य-कांड में प्रकृति का सुंदर चित्रण, ऋषियों का शांत जीवन और धर्म-अधर्म का संघर्ष एक साथ देखने को मिलता है।
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