इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भक्तिकाल की कृष्ण-भक्ति शाखा के प्रमुख कवि नंददास की दो महत्वपूर्ण रचनाओं का संग्रह है। ‘रास पंचाध्यायी’ श्रीमद्भागवत के रासलीला प्रसंग पर आधारित एक उत्कृष्ट प्रबंध काव्य है, जो अपनी काव्यात्मकता और दार्शनिक गहराई के लिए प्रसिद्ध है। ‘भँवर गीत’ में उद्धव-गोपी संवाद के माध्यम से निर्गुण पर सगुण भक्ति की विजय को दर्शाया गया है। यह कृति ब्रजभाषा के माधुर्य, नंददास की काव्य-कला और कृष्ण-भक्ति के दार्शनिक पक्ष का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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