Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
रतिमन्मथनाटकम - Ratimanmathanatakam - Book
IndianKitab

रतिमन्मथनाटकम – Ratimanmathanatakam – Book

Pages
176 Pages
File Size
64 MB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form

इस पुस्तक के विषय

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

“रतिमन्मथनाटकम्” का अर्थ है “रति और मन्मथ (कामदेव) पर आधारित नाटक”। यह एक संस्कृत श्रृंगारिक नाटक है, जिसकी कथा प्रेम के देवता कामदेव और उनकी पत्नी रति के इर्द-गिर्द घूमती है। नाटक का कथानक संभवतः उस पौराणिक कथा पर आधारित हो सकता है जहाँ भगवान शिव अपने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर देते हैं, और फिर रति के विलाप और तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पुनः जीवन-दान देते हैं। इस नाटक में श्रृंगार और करुण रस की प्रधानता होगी और इसमें प्रेम की विभिन्न अवस्थाओं, विरह की पीड़ा और पुनर्मिलन के आनंद का सुंदर काव्यात्मक चित्रण किया गया होगा।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।