इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का अठारहवाँ खंड है, जो महात्मा गांधी के लेखों, पत्रों और भाषणों का एक प्रामाणिक संग्रह है। यह खंड 1920 के उत्तरार्ध की अवधि को कवर करता है, जब असहयोग आंदोलन पूरे देश में जोर पकड़ रहा था। इसमें आंदोलन को संगठित करने, विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार, और राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना पर गांधीजी के निर्देश और लेख शामिल हैं। यह उस ऐतिहासिक आंदोलन की गतिशीलता को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
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