Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय [ खण्ड ६१ ] - Sampurna Gandhi Vanmaya [ Vol. 61 ] - Book
IndianKitab

सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय [ खण्ड ६१ ] – Sampurna Gandhi Vanmaya [ Vol. 61 ] – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह ‘सम्पूर्ण गाँधी वाङ्मय’ (The Collected Works of Mahatma Gandhi) का 61वां खंड है। यह भारत सरकार द्वारा प्रकाशित एक monumental series है, जिसमें महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए सभी पत्रों, लेखों, भाषणों और साक्षात्कारों को कालानुक्रम में संकलित किया गया है। यह खंड एक विशिष्ट समयावधि (लगभग 1930 के दशक के मध्य) के दौरान गांधीजी के विचारों, उनकी गतिविधियों, और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर प्रकाश डालता है। यह गांधीजी के दर्शन और भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए एक अमूल्य और प्राथमिक स्रोत है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।