इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
शतकत्रयादि-सुभाषितसंग्रह’ एक ऐसी पुस्तक है जिसमें भर्तृहरि के ‘शतकत्रय’ (नीति, श्रृंगार, वैराग्य शतक) के ‘आदि’ यानी साथ-साथ अन्य कवियों के भी ‘सुभाषितों’ (सुंदर कथनों) का संग्रह किया गया है। यह संस्कृत के नीति और मुक्तक काव्य का एक विशाल संकलन है, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर ज्ञानपूर्ण, सारगर्भित और कलात्मक श्लोकों को एकत्र किया गया है। यह संस्कृत साहित्य के प्रेमियों के लिए एक अनमोल खजाना है।
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