इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
सतसई सप्तक’ का अर्थ है सात ‘सतसई’ का समूह। यह एक अनूठी कृति हो सकती है जिसमें हिंदी के सात प्रसिद्ध सतसई-काव्यों (जैसे- बिहारी सतसई, मतिराम सतसई) को एक साथ संपादित किया गया हो, या यह बिहारी सतसई पर सात अलग-अलग विद्वानों द्वारा लिखी गई टीकाओं का संग्रह हो सकता है। श्यामसुंदर दास जैसे प्रतिष्ठित संपादक द्वारा तैयार की गई यह कृति रीतिकाल के इस महत्वपूर्ण काव्य-रूप का एक व्यापक और तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है, जो शोधकर्ताओं के लिए अमूल्य है।
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