इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
डॉ. हिमांशु गौड़ द्वारा रचित “श्रीबाबागुरुशतकम्” एक भक्तिपूर्ण काव्य है, जिसमें ‘श्री बाबा गुरु’ को समर्पित सौ (शतक) श्लोक हैं। यह किसी विशिष्ट गुरु या संत, जिन्हें उनके अनुयायी ‘बाबा’ या ‘गुरु’ के रूप में पूजते हैं, की महिमा और उनके उपदेशों का गुणगान करता है। प्रत्येक श्लोक में उनके किसी गुण, लीला या शिक्षा पर प्रकाश डाला गया होगा। यह कृति कवि की अपने गुरु के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण की अभिव्यक्ति है। यह उन गुरु के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्तोत्र-पाठ है, जो उनके मन में भक्ति और गुरु-कृपा की भावना को और भी गहरा करता है।
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