इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
श्री जवाहर किरणावली’ जैन संत आचार्य श्री जवाहरलालजी महाराज के प्रेरणादायक प्रवचनों का संकलन है। इस श्रृंखला का यह पहला भाग ‘दिव्य दान’ विषय पर केंद्रित है। इसमें दान के वास्तविक अर्थ, उसके विभिन्न प्रकार (जैसे अभय दान, सुपात्र दान, करुणा दान) और दान देने के महत्व पर आचार्यश्री के विचारों को प्रस्तुत किया गया है। वे समझाते हैं कि सच्चा दान केवल भौतिक वस्तुओं का नहीं, बल्कि ज्ञान, अभय और करुणा का होता है। यह पुस्तक पाठकों को निःस्वार्थ भाव से देने की कला और उसके आध्यात्मिक लाभों के बारे में शिक्षित करती है।
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