इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
मथुराप्रसाद द्वारा रचित यह कृति ‘श्री मथुरेश’ यानी भगवान कृष्ण, जो मथुरा के स्वामी हैं, के प्रति प्रेम और भक्ति की ‘पुष्पांजलि’ है। यह भक्तिपूर्ण पदों, भजनों या स्तोत्रों का एक संग्रह हो सकता है, जिसमें कवि ने अपने आराध्य देव श्री कृष्ण की लीलाओं, उनके सौंदर्य और उनकी कृपा का गुणगान किया है। ‘प्रीति पुष्पांजलि’ के रूप में, कवि अपनी काव्य-रचनाओं को फूलों की तरह भगवान के चरणों में अर्पित करता है। यह पुस्तक कृष्ण-भक्तों के लिए श्रद्धा और आनंद का एक स्रोत है।
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