इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक गोस्वामी तुलसीदास कृत “श्रीरामचरितमानस” के भीतर निहित पांच विशिष्ट ‘गीताओं’ का एक संकलन है। यद्यपि मानस में ‘गीता’ नाम से सीधे तौर पर कोई अध्याय नहीं है, विद्वानों ने कुछ विशिष्ट संवादों और स्तुतियों को उनके दार्शनिक महत्व और गीता-तुल्य उपदेशों के कारण ‘गीता’ की संज्ञा दी है। इस संग्रह में संभवतः ‘शिव-पार्वती संवाद’, ‘काकभुशुण्डि-गरुड़ संवाद’, ‘लक्ष्मण-गीता’ (जब वे मूर्छित थे), और अन्य ऐसे प्रसंग शामिल हो सकते हैं जहाँ गहन आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति के सिद्धांतों की विवेचना की गई है। यह मानस के दार्शनिक पक्ष को समझने के लिए एक अनूठी कृति है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।