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सूर साहित्य विमर्श - Soor Sahitya Vimarsh - Book
IndianKitab

सूर साहित्य विमर्श – Soor Sahitya Vimarsh – Book

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234 Pages
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7 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक भक्तिकाल के महाकवि सूरदास के साहित्य पर एक गहन और आलोचनात्मक ‘विमर्श’ प्रस्तुत करती है। इसमें सूरदास के पदों में निहित वात्सल्य, श्रृंगार और भक्ति रस का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। यह कृति ‘सूरसागर’ की काव्य-कला, सूरदास के दार्शनिक दृष्टिकोण (पुष्टिमार्ग), और हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय स्थान की विस्तृत विवेचना करती है। यह सूर-साहित्य के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन है।

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