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श्री पिण्डविशुद्धि: - Sri Pind Vishuddhi - Book
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श्री पिण्डविशुद्धि: – Sri Pind Vishuddhi – Book

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पुस्तक विवरण

विजयदान सूरि द्वारा रचित यह ग्रंथ जैन धर्म के आचार-विचार से संबंधित एक महत्वपूर्ण कृति है। ‘पिण्डविशुद्धि’ का अर्थ है भोजन की शुद्धि। इसमें जैन साधुओं के लिए भोजन ग्रहण करने के नियमों, विधियों और उसमें लगने वाले दोषों का सूक्ष्मता से विवेचन किया गया है। ग्रंथ में बताया गया है कि किस प्रकार का आहार ग्रहण करना चाहिए और किस प्रकार का नहीं, ताकि साधु अपनी साधना में बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें। यह जैन मुनियों की कठोर दिनचर्या और उनके आत्म-संयम के सिद्धांतों को समझने में सहायक है।

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