Bhashya (भाष्य) (Commentary)
कई बार प्राचीन और दार्शनिक ग्रंथ इतने गहरे होते हैं कि उन्हें समझना मुश्किल हो जाता है। ‘भाष्य’ या टीका, ऐसे ही कठिन ग्रंथों को सरल भाषा में समझाने का काम करती है। एक भाष्यकार मूल ग्रंथ के हर सूत्र या श्लोक की विस्तार से व्याख्या करता है। इस श्रेणी में आपको ब्रह्म सूत्र, गीता और उपनिषदों पर लिखे गए महान आचार्यों, जैसे शंकराचार्य और रामानुजाचार्य, के प्रसिद्ध भाष्य मिलेंगे। यदि आप मूल ग्रंथों के वास्तविक अर्थ को समझना चाहते हैं, तो भाष्य पढ़ना सबसे अच्छा तरीका है।
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