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भगवद्गीता यथारूप [संस्करण -2] - Bhagvadgeeta Yathaswarup [Sanskaran-२] - Book
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भगवद्गीता यथारूप [संस्करण -2] – Bhagvadgeeta Yathaswarup [Sanskaran-२] – Book

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पुस्तक विवरण

यह इस्कॉन (ISKCON) के संस्थापक-आचार्य ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा रचित ‘श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप’ का दूसरा संस्करण है। यह गीता का एक भक्ति-केंद्रित भाष्य है, जिसमें प्रत्येक श्लोक का मूल संस्कृत पाठ, उसका लिप्यंतरण, शब्दार्थ, अनुवाद और विस्तृत तात्पर्य दिया गया है। इसमें भगवान कृष्ण को परम पुरुषोत्तम भगवान के रूप में प्रस्तुत किया गया है और कृष्ण-भक्ति को ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बताया गया है। यह दुनिया में गीता के सबसे व्यापक रूप से वितरित संस्करणों में से एक है।

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