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सविवरणं श्रीज्ञानार्णवप्रकरणं - श्रीज्ञानबिन्दुप्रकरणचं - Savivaranan Shrighanarnavaprakaranan - Shrigyanbinduprakaranachn - Book
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सविवरणं श्रीज्ञानार्णवप्रकरणं – श्रीज्ञानबिन्दुप्रकरणचं – Savivaranan Shrighanarnavaprakaranan – Shrigyanbinduprakaranachn – Book

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पुस्तक विवरण

यह महान जैन आचार्य हरिभद्र सूरि द्वारा रचित दो महत्वपूर्ण दार्शनिक ग्रंथों का ‘सविवरण’ अर्थात व्याख्या सहित एक संस्करण है: ‘ज्ञानार्णव’ (ज्ञान का सागर) और ‘ज्ञानबिंदु’ (ज्ञान की बूँद)। ये ग्रंथ जैन दर्शन में ज्ञान के स्वरूप, उसके प्रकार, और सम्यक ज्ञान प्राप्त करने के मार्ग पर गहन विवेचन प्रस्तुत करते हैं। यह टीका इन गूढ़ प्रकरणों के अर्थ को स्पष्ट करती है, जो इन्हें जैन न्यायशास्त्र और ज्ञानमीमांसा के अध्येताओं के लिए सुलभ बनाती है।

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