Gaudiya Vaishnavism (गौड़ीय वैष्णव धर्म)
गौड़ीय वैष्णव धर्म, वैष्णव संप्रदाय की एक प्रमुख शाखा है, जिसकी स्थापना 16वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने की थी। यह परंपरा राधा और कृष्ण की भक्ति पर केंद्रित है और ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र के संकीर्तन को सर्वोच्च साधना मानती है। इस श्रेणी में आपको चैतन्य चरितामृत, भक्ति-रसामृत-सिन्धु जैसे प्रमुख गौड़ीय ग्रंथों और इस परंपरा के आचार्यों की शिक्षाओं पर आधारित पुस्तकें मिलेंगी। यह प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने वाले भक्तों के लिए एक अनमोल खजाना है।
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