Vedanta (वेदान्त)
वेदान्त’ का शाब्दिक अर्थ है ‘वेदों का अंत’ या सार। यह भारतीय दर्शन की वह शाखा है जो उपनिषदों पर आधारित है और ब्रह्म (परम सत्य), आत्मा (व्यक्तिगत चेतना) और उनके बीच के संबंध की विवेचना करती है। अद्वैत, विशिष्टाद्वैत और द्वैत इसके प्रमुख स्कूल हैं। इस श्रेणी की किताबें आपको भारतीय अध्यात्म के सबसे गहरे और गहन विचारों से परिचित कराएंगी। ये ग्रंथ आपको यह समझने में मदद करेंगे कि हम कौन हैं और हमारे जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या है। आत्म-ज्ञान के पथ पर चलने वालों के लिए यह अनिवार्य है।
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