Yajurveda (यजुर्वेद)
यजुर्वेद’ चार वेदों में से दूसरा है। इसका मुख्य विषय यज्ञ की प्रक्रिया है। इसमें यज्ञ के समय पढ़े जाने वाले गद्यात्मक मंत्रों का संग्रह है, जिन्हें ‘यजुष’ कहा जाता है। यह हमें बताता है कि विभिन्न प्रकार के यज्ञों को किस विधि-विधान से संपन्न किया जाना चाहिए। इस श्रेणी की पुस्तकें आपको यजुर्वेद के मंत्रों और यज्ञ के पीछे के गहरे प्रतीकात्मक अर्थ को समझने में मदद करेंगी। यह वैदिक कर्मकांड और उसके दर्शन को जानने के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
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