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यजुर्वेदभाषाभाष्य [भाग-2] - Yajurved Bhasha Bhashy [Bhag-2] - Book
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यजुर्वेदभाषाभाष्य [भाग-2] – Yajurved Bhasha Bhashy [Bhag-2] – Book

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पुस्तक विवरण

यह महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा रचित ‘यजुर्वेद भाषा भाष्य’ का दूसरा भाग है। यह केवल एक पारंपरिक अनुवाद नहीं है, बल्कि आर्य समाज के सिद्धांतों के अनुसार यजुर्वेद के मंत्रों की एक सुधारवादी और तार्किक व्याख्या है। दयानंद सरस्वती वेदों को ईश्वरीय ज्ञान का एकमात्र स्रोत मानते थे और उन्होंने अपने भाष्य में कर्मकांड और मूर्तिपूजा के बजाय एकेश्वरवाद और नैतिक जीवन पर जोर दिया। यह वैदिक अध्ययन में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कृति है।

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