इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
विनय पत्रिका’ गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक अनूठा भक्ति-काव्य है। यह ग्रंथ भगवान श्री राम के दरबार में प्रस्तुत की गई एक ‘विनय-याचिका’ (Petition) के रूप में लिखा गया है। इसमें तुलसीदास जी ने अपनी दीनता, कलियुग के प्रभाव, और सांसारिक कष्टों का वर्णन करते हुए अत्यंत विनम्रता और आर्त भाव से श्री राम से कृपा की प्रार्थना की है। यह ग्रंथ तुलसीदास की गहन भक्ति, उनके दार्शनिक ज्ञान और उनकी काव्यात्मक प्रतिभा का एक अद्भुत उदाहरण है।
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