इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह जैन धर्म के श्वेतांबर परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण आगम ग्रंथों में से एक ‘भगवती सूत्र’ (व्याख्याप्रज्ञप्ति सूत्र) का दूसरा भाग है। यह ग्रंथ प्रश्नोत्तर शैली में है, जिसमें इंद्रभूति गौतम भगवान महावीर से जीव, अजीव, कर्म और ब्रह्मांड के बारे में गहन और दार्शनिक प्रश्न पूछते हैं। यह जैन तत्वमीमांसा और दर्शन का एक विश्वकोश माना जाता है। यह खंड उस विशाल ग्रंथ के एक हिस्से को प्रस्तुत करता है और जैन धर्म के गंभीर अध्येताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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