इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह आदि शंकराचार्य को समर्पित प्रसिद्ध तांत्रिक ग्रंथ ‘प्रपंचसार तंत्र’ का पहला भाग या उस पर एक भाष्य है। ‘प्रपंच’ का अर्थ है यह दृश्यमान ब्रह्मांड। यह ग्रंथ ब्रह्मांड की उत्पत्ति, सृष्टि-विज्ञान, मंत्रों की शक्ति, और विभिन्न देवताओं की तांत्रिक उपासना पद्धतियों का विस्तृत विवेचन करता है। यह तंत्र शास्त्र के सबसे महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ग्रंथों में से एक है और शक्ति तथा शिव की उपासना के गहरे रहस्यों पर प्रकाश डालता है।
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