इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह आचार्य जिनसेन और गुणभद्र द्वारा रचित जैन ‘महापुराण’ का पहला भाग है। महापुराण में 63 शलाकापुरुषों (24 तीर्थंकर, 12 चक्रवर्ती, आदि) के जीवन चरित्र का वर्णन है। यह पहला भाग, जिसे ‘आदिपुराण’ भी कहते हैं, मुख्य रूप से प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव और प्रथम चक्रवर्ती भरत के जीवन का विस्तृत और काव्यात्मक वर्णन करता है। यह जैन पौराणिक कथाओं और दर्शन का एक विश्वकोशीय ग्रंथ है।
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