इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
जैन श्रमण’ जैन मुनि या साधु को कहते हैं। यह पुस्तक जैन श्रमणों के कठोर और त्यागमय जीवन पर आधारित है। इसमें एक जैन मुनि की दिनचर्या, उनके पंच महाव्रतों (अहिंसा, सत्य आदि) का पालन, उनकी विहार-यात्रा, और उनकी आत्म-साधना का विस्तार से वर्णन हो सकता है। यह कृति पाठकों को जैन साधुओं के असाधारण त्याग और उनकी आत्म-कल्याण की यात्रा से परिचित कराती है।
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