इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘मणिभद्र’ नामक किसी पत्रिका या श्रृंखला का चौदहवाँ ‘पुष्प’ (अंक) है। मणिभद्र वीर जैन परंपरा में एक शक्तिशाली और पूजनीय यक्ष (शासन-देवता) हैं, जिन्हें भक्तों का रक्षक माना जाता है। यह अंक संभवतः मणिभद्र जी की महिमा, उनसे जुड़ी कथाओं, चमत्कारों और उनकी पूजा-उपासना की विधियों पर केंद्रित लेखों और रचनाओं का एक संग्रह है, जो भक्तों में श्रद्धा और विश्वास को बढ़ाता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।