Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
षट्खंडागम - Shatkhandagam - Book
IndianKitab

षट्खंडागम – Shatkhandagam – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 1 / 0 ]

पुस्तक विवरण

पुष्पदन्त और भूतबलि आचार्यों द्वारा रचित ‘षट्खंडागम’ दिगंबर जैन परंपरा का सर्वोच्च और सबसे प्राचीन आगम ग्रंथ है। यह छह खंडों में विभाजित है और इसमें जैन दर्शन के सबसे गहन और जटिल विषयों, विशेष रूप से कर्म सिद्धांत और जीव के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया गया है। यह ग्रंथ भगवान महावीर की मूल शिक्षाओं पर आधारित माना जाता है। इसकी भाषा और विषय-वस्तु की गहनता के कारण, यह मुख्य रूप से विद्वानों और उन्नत साधकों द्वारा अध्ययन किया जाता है। यह जैन सिद्धांत का एक आधार स्तंभ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।