Digambara (दिगंबर)
दिगंबर’ जैन धर्म के दो प्रमुख संप्रदायों में से एक है (दूसरा श्वेतांबर है)। दिगंबर साधु पूर्ण अपरिग्रह (किसी भी वस्तु का संग्रह न करना) का पालन करते हैं और वस्त्रों का भी त्याग कर देते हैं, क्योंकि वे इसे भी एक परिग्रह मानते हैं। इस श्रेणी में आपको दिगंबर परंपरा के सिद्धांतों, उनके शास्त्रों, और इस संप्रदाय के प्रमुख आचार्यों की शिक्षाओं पर आधारित पुस्तकें मिलेंगी। यह जैन धर्म की एक तपस्वी और कठोर शाखा को समझने में मदद करता है।
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