इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
श्री जवाहर किरणावली’ का यह तेरहवां भाग आचार्य श्री जवाहरलालजी महाराज द्वारा दिए गए ‘शालिभद्र चरित्र’ पर आधारित प्रवचनों का संकलन है। शालिभद्र जैन कथाओं के एक प्रसिद्ध पात्र हैं, जो अपार धन-वैभव और बत्तीस पत्नियों को त्यागकर युवावस्था में ही संयम के मार्ग पर चल पड़े थे। आचार्यश्री ने उनके प्रेरणादायक चरित्र के माध्यम से त्याग, वैराग्य और अपरिग्रह के महत्व को समझाया है। यह पुस्तक पाठकों को सांसारिक भोगों की नश्वरता का बोध कराती है और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रेरित करती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।