इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘ऋषि पंचमी’ व्रत की कथा, महत्व और पूजन विधि पर केंद्रित है। ऋषि पंचमी का व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को किया जाता है और यह सप्तर्षियों को समर्पित है। मान्यता है कि यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा रजस्वला दोष से शुद्धि और जाने-अनजाने में हुए पापों के प्रायश्चित के लिए किया जाता है। इस पुस्तक में व्रत से जुड़ी पौराणिक कथाओं, पूजा के मंत्रों, और व्रत के नियमों का विस्तार से वर्णन किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक मार्गदर्शिका का कार्य करती है।
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