Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
अष्टभैरव घ्यानस्तोत्रम्‌ - Ashta Bhairava Dhyana Stotram - Book
IndianKitab

अष्टभैरव घ्यानस्तोत्रम्‌ – Ashta Bhairava Dhyana Stotram – Book

Pages
5 Pages
File Size
106 KB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

अष्टभैरव ध्यानस्तोत्रम्’ भगवान शिव के आठ उग्र स्वरूपों, जिन्हें अष्टभैरव कहा जाता है, को समर्पित एक ध्यान और स्तुति ग्रंथ है। ये आठ भैरव आठ दिशाओं के रक्षक माने जाते हैं और उनके नाम हैं – असितांग, रुरु, चंड, क्रोध, उन्मत्त, कपाल, भीषण, और संहार। इस स्तोत्र में प्रत्येक भैरव के ध्यान के लिए उनके स्वरूप, आयुध, वाहन और शक्तियों का काव्यात्मक वर्णन किया गया है, ताकि साधक उनका मानसिक चित्र बना सके। इसका पाठ भय, नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं से रक्षा के लिए किया जाता है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।